भगवान गौतम बुद्ध के उपदेश

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अपने मुक्ति के लिए खुद से प्रयासरत बने, दूसरो पर निर्भर होना छोड़े। जो इर्ष्या की आग में तपते रहते है उन्हें कभी भी शांति और सच्चा सुख प्राप्त नही होता।

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