भगवान बुद्ध के उपदेश

0
484
भगवान बुद्ध
भगवान बुद्ध

जूनून जैसी कोई आग नहीं है, नफरत जैसा कोई दरिंदा नहीं है, मूर्खता जैसी कोई जाल नहीं है, लालच जैसी कोई धार नहीं है। पवित्रता या अपवित्रता अपने आप पर निर्भर करती है, कोई भी दूसरे को पवित्र नहीं कर सकता।।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here