14 सितंबर 1900 | जन्मस्थान – जबलपुर, मध्य प्रदेश
हिन्दी भाषा के विकास, प्रचार-प्रसार और हिन्दी के सम्मान के लिए अपना जीवन समर्पित करने वाले महान हिन्दी सेवक व्यौहार राजेन्द्र सिंह की जयंती पर उन्हें शत्-शत् नमन।
व्यौहार राजेन्द्र सिंह का जन्म 14 सितंबर 1900 को मध्य प्रदेश के जबलपुर में हुआ था। हिन्दी के प्रति उनका गहरा लगाव और समर्पण उन्हें हिन्दी के प्रचार-प्रसार से जुड़े प्रमुख व्यक्तित्वों में स्थान दिलाता है। उन्होंने हिन्दी को जन-जन तक पहुँचाने तथा देश में हिन्दी के सम्मान और व्यापक स्वीकार्यता के लिए निरंतर प्रयास किए।
14 सितंबर का दिन हिन्दी के लिए विशेष महत्व रखता है। इसी दिन प्रत्येक वर्ष हिन्दी दिवस मनाया जाता है। यह अवसर हमें हिन्दी भाषा के महत्व, उसकी समृद्ध साहित्यिक परंपरा और भारतीय संस्कृति में उसके योगदान को स्मरण करने की प्रेरणा देता है।
हिन्दी केवल संवाद का माध्यम नहीं, बल्कि हमारी संस्कृति, परंपरा, साहित्य और भावनाओं की सशक्त अभिव्यक्ति है। बदलते समय के साथ हिन्दी का स्वरूप भी निरंतर विस्तृत हो रहा है और यह देश-दुनिया में करोड़ों लोगों को आपस में जोड़ने वाली महत्वपूर्ण भाषा है।
आइए, हिन्दी दिवस के अवसर पर हम हिन्दी भाषा के सम्मान, संवर्धन और प्रचार-प्रसार का संकल्प लें। साथ ही, व्यौहार राजेन्द्र सिंह जैसे हिन्दी सेवियों के योगदान को स्मरण करते हुए अपनी भाषा और संस्कृति के प्रति गौरव की भावना को मजबूत करें।
हिन्दी दिवस की हार्दिक शुभकामनाएँ। 🇮🇳📚
व्यौहार राजेन्द्र सिंह की जयंती पर शत्-शत् नमन।


















