“कभी न झुकी थी जो रानी,
अंग्रेजों से लड़ी वीरता की कहानी।
21 फरवरी को नमन है उनको,
जिन्होंने स्वतंत्रता के लिए दी अपनी जवानी।
आज, 21 फरवरी को हम रानी चेनम्मा की पुण्यतिथि के अवसर पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित करते हैं। रानी चेनम्मा भारतीय इतिहास की एक महान वीरांगना थीं, जिन्होंने अपने राज्य और स्वतंत्रता की रक्षा के लिए अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया।
रानी चेनम्मा का जीवन देशभक्ति, साहस और बलिदान का प्रतीक है। उन्होंने अपनी शक्ति और नेतृत्व से यह सिद्ध कर दिया कि महिलाओं में भी अपार वीरता और नेतृत्व क्षमता हो सकती है। उनका संघर्ष केवल एक राज्य के लिए नहीं, बल्कि पूरे भारत की स्वतंत्रता की राह खोलने में महत्वपूर्ण साबित हुआ।
उनका साहस आज भी प्रेरणा का स्रोत है, और उनकी पुण्यतिथि पर हम उनके योगदान को याद करते हैं। रानी चेनम्मा की संघर्षशीलता और देशभक्ति को नमन करते हुए हम यह संकल्प लें कि हम अपने देश और समाज के लिए इसी प्रकार की निष्ठा और समर्पण दिखाएंगे।
रानी चेनम्मा के साहस, बलिदान और वीरता को हमेशा याद रखा जाएगा।
नमन है उन वीरात्माओं को!




















