14 अप्रैल 1944 का दिन भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास में स्वर्ण अक्षरों में अंकित है। इस दिन सुभाष चंद्र बोस के अदम्य नेतृत्व में आज़ाद हिंद फौज ने मणिपुर के मोइरांग में भारत का तिरंगा फहराकर यह संदेश दिया कि अब आज़ादी दूर नहीं है।
मोइरांग की पावन धरती पर फहराया गया वह तिरंगा केवल एक प्रतीक नहीं था, बल्कि वह हर भारतीय के दिल में जल रही स्वतंत्रता की ज्योति का उज्ज्वल स्वरूप था। यह घटना उस अटूट विश्वास, साहस और त्याग का परिचायक है, जिसने गुलामी की जंजीरों को तोड़ने का संकल्प लिया था।
मोइरांग दिवस हमें याद दिलाता है कि आज़ादी केवल एक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन लाखों वीरों के बलिदान का परिणाम है, जिन्होंने अपने सपनों से पहले देश को चुना। यह दिन हमें प्रेरित करता है कि हम अपने कर्तव्यों का निर्वहन ईमानदारी से करें और देश की एकता, अखंडता व सम्मान को सदैव सर्वोपरि रखें।
आइए, इस गौरवशाली अवसर पर हम सभी उन वीर सपूतों को श्रद्धापूर्वक नमन करें और उनके आदर्शों को अपने जीवन में अपनाने का संकल्प लें।
जय हिंद! 🇮🇳



















