· वे बुंदेलखंड के महान शासक थे।
· उन्होंने मुग़ल सम्राट औरंगज़ेब के विरुद्ध संघर्ष किया।
· छत्रसाल ने गुरिल्ला युद्ध शैली अपनाकर मुग़लों को बुंदेलखंड से बाहर खदेड़ा।
· वे छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित थे।
· बुंदेलखंड को स्वतंत्र राज्य के रूप में स्थापित किया।
महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड के वीर योद्धा और महान स्वतंत्रता सेनानी थे। उन्होंने अपने साहस, रणनीति और दृढ़ संकल्प से मुग़ल सत्ता को चुनौती दी। गुरिल्ला युद्ध नीति अपनाकर उन्होंने बुंदेलखंड को स्वतंत्र कराया। वे छत्रपति शिवाजी महाराज से प्रेरित थे और धर्म, स्वराज व जनकल्याण के लिए जीवनभर संघर्ष करते रहे।
20 दिसंबर 1731 को उनका निधन हुआ, पर उनका शौर्य आज भी अमर है।



















