तथागत भगवान बुद्ध के उपदेश By admin - May 18, 2019 0 472 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp वह जो पचास लोगों से प्रेम करता है उसके पचास संकट हैं, वो जो किसी से प्रेम नहीं करता उसके एक भी संकट नहीं है। क्रोध को पाले रखना गर्म कोयले को किसी और पर फेंकने की नीयत से पकड़े रहने के समान है।