गीता सार गीता सार By admin - April 19, 2022 0 480 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp क्रोध से भ्रम पैदा होता है भ्रम से बुद्धि व्यग्र होती है जब बुद्धि व्यग्र होती है तब तर्क नष्ट हो जाता है जब तर्क नष्ट होता है तब व्यक्ति का पतन हो जाता है !!