गोवा मुक्ति आंदोलन के अग्रदूत टी. बी. कुन्हा को पुण्यतिथि पर नमन 🙏🏻

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टी. बी. कुन्हा (त्रिस्ताओ द ब्रागांज़ा कुन्हा) की पुण्यतिथि पर उन्हें भावपूर्ण श्रद्धांजलि। गोवा के स्वतंत्रता संघर्ष में उनके योगदान के कारण उन्हें ‘गोवा राष्ट्रवाद का जनक’ तथा गोवा मुक्ति आंदोलन के प्रमुख अग्रदूतों में स्मरण किया जाता है।

2 अप्रैल 1891 को गोवा के चांदोर में जन्मे त्रिस्ताओ द ब्रागांज़ा कुन्हा ने उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद अपना जीवन गोवा की स्वतंत्रता और पुर्तगाली औपनिवेशिक शासन के विरोध के लिए समर्पित कर दिया। पेरिस में अध्ययन के दौरान भी उन्होंने भारतीय स्वतंत्रता आंदोलन और पुर्तगाली भारत के प्रश्न को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उठाने का प्रयास किया।

वर्ष 1928 में उन्होंने गोवा कांग्रेस समिति की स्थापना कर गोवा के लोगों को औपनिवेशिक शासन के विरुद्ध संगठित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बाद में उन्होंने गोवा के स्वतंत्रता आंदोलन को व्यापक भारतीय राष्ट्रीय आंदोलन से जोड़ने के लिए निरंतर प्रयास किए।

1946 में डॉ. राम मनोहर लोहिया के साथ गोवा में आयोजित ऐतिहासिक जनसभा के आयोजन में भी कुन्हा की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुर्तगाली शासन ने उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया और बाद में उन्हें पुर्तगाल की जेल में रखा गया। रिहाई के बाद भी उन्होंने गोवा की मुक्ति के लिए अपना संघर्ष जारी रखा तथा मुंबई में गोवा एक्शन कमेटी के माध्यम से आंदोलन को संगठित किया।

26 सितंबर 1958 को मुंबई में उनका निधन हुआ। उनके निधन पर पंडित जवाहरलाल नेहरू ने भी उनके योगदान को श्रद्धापूर्वक स्मरण किया था। गोवा के स्वतंत्रता संघर्ष में उनके त्याग, साहस और राष्ट्रवादी चेतना को आज भी सम्मान के साथ याद किया जाता है।

टी. बी. कुन्हा की पुण्यतिथि पर शत्-शत् नमन।
उनका संघर्ष और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।

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