गीता सारप्रेरक प्रसंग गीता सार By admin - September 14, 2021 0 489 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp संयम का प्रयत्न करते हुए ज्ञानी मनुष्य के मन को भी चंचल इन्द्रियां बलपूर्वक हर लेती हैं। जिसकी इन्द्रियां वश में होती हैं, उसकी बुद्धि स्थिर होती है। विषयों का चिंतन करने से विषयों की आसक्ति होती है। आसक्ति से इच्छा उत्पन्न होती है।