26 सितंबर 1820 को जन्मे ईश्वर चंद्र विद्यासागर भारत के महान शिक्षाविद्, समाज सुधारक और मानवतावादी चिंतक थे। उन्होंने अपना पूरा जीवन शिक्षा के प्रसार, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक कुरीतियों के विरुद्ध संघर्ष को समर्पित किया।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर ने विशेष रूप से विधवा पुनर्विवाह के समर्थन और महिला शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उनके प्रयासों ने तत्कालीन भारतीय समाज में व्यापक सामाजिक परिवर्तन की नींव रखी। वे मानते थे कि शिक्षा ही समाज को जागरूक, प्रगतिशील और सशक्त बनाने का सबसे प्रभावी माध्यम है।
उनकी विद्वता, सरल जीवन, करुणा और दृढ़ संकल्प ने उन्हें भारतीय समाज सुधार आंदोलन का एक प्रेरणादायी व्यक्तित्व बनाया। उनका जीवन आज भी शिक्षा, समानता, मानवता और सामाजिक न्याय के प्रति समर्पण की प्रेरणा देता है।
ईश्वर चंद्र विद्यासागर की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन। उनका जीवन और विचार सदैव समाज को नई दिशा प्रदान करते रहेंगे।




















