मातृभूमि की आजादी के लिए समर्पित रहा जीवन
16 सितंबर 1882 | जन्म स्थान – खुर्दपुर, जालंधर
भारत के स्वतंत्रता संग्राम में साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम की अमिट मिसाल कायम करने वाले महान क्रांतिकारी शहीद बलवंत सिंह जी की जयंती पर उन्हें कोटि-कोटि नमन।
शहीद बलवंत सिंह जी का जन्म 16 सितंबर 1882 को पंजाब के जालंधर जिले के खुर्दपुर गांव में हुआ था। उन्होंने अंग्रेजी शासन के विरुद्ध संघर्ष का मार्ग अपनाते हुए देश की स्वतंत्रता के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया।
गदर आंदोलन से जुड़कर जगाई आजादी की अलख
विदेश में रहने के दौरान उन्होंने भारतीयों के साथ होने वाले भेदभाव और अंग्रेजी शासन की नीतियों को करीब से देखा। इसके बाद वे गदर आंदोलन से जुड़े और भारत को अंग्रेजी हुकूमत से स्वतंत्र कराने के प्रयासों में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने विदेशों में रह रहे भारतीयों को संगठित कर देश की आजादी के लिए जागरूक करने का कार्य किया।
बलिदान और राष्ट्रप्रेम की अमर मिसाल
स्वतंत्रता संग्राम में सक्रिय भूमिका के कारण ब्रिटिश सरकार ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया। लाहौर षड्यंत्र मामले में उन्हें दोषी ठहराया गया और 29 मार्च 1917 को लाहौर जेल में फांसी दी गई।
शहीद बलवंत सिंह जी का जीवन और उनका बलिदान देश की स्वतंत्रता के लिए समर्पित उन वीर सेनानियों की याद दिलाता है, जिन्होंने मातृभूमि की खातिर अपना सर्वस्व न्योछावर कर दिया।
उनका साहस, त्याग और राष्ट्रप्रेम आने वाली पीढ़ियों को सदैव प्रेरणा देता रहेगा।
महान स्वतंत्रता सेनानी शहीद बलवंत सिंह जी की जयंती पर शत्-शत् नमन।
भारत माता के वीर सपूत शहीद बलवंत सिंह जी अमर रहें।



















