महान क्रांतिकारी, ओजस्वी कवि और स्वतंत्रता संग्राम के अमर शहीद पं० राम प्रसाद बिस्मिल जी का जीवन साहस, त्याग और राष्ट्रभक्ति की अनुपम मिसाल है। उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव देशवासियों को स्वतंत्रता, स्वाभिमान और राष्ट्रसेवा के पथ पर अग्रसर होने की प्रेरणा देता रहेगा। 🇮🇳
वे 1918 के मैनपुरी षड्यंत्र तथा काकोरी कांड (1925) के प्रमुख नायक रहे। अंग्रेज़ी शासन के विरुद्ध सशस्त्र क्रांति के प्रबल समर्थक के रूप में उन्होंने क्रांतिकारियों को संगठित किया और जनजागरण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
19 दिसंबर 1927 को उन्हें गोरखपुर जेल में फाँसी दी गई। वे हँसते-हँसते मातृभूमि के लिए शहीद हो गए और इतिहास में अमर हो गए।
पं० राम प्रसाद बिस्मिल जी का जीवन साहस, त्याग, आत्मबलिदान और राष्ट्रप्रेम का चिरस्थायी प्रतीक है। उनकी कविताएँ और विचार आज भी युवाओं के हृदय में देशभक्ति की अलख जगाते हैं।
वंदे मातरम्।जय हिन्द। 🇮🇳



















