दिनांक – 05 फरवरी 2022
दिन – शनिवार
विक्रम संवत – 2078
शक संवत -1943
अयन – उत्तरायण
ऋतु – शिशिर
मास – माघ
पक्ष – शुक्ल
तिथि – पंचमी 06 फरवरी प्रातः 03:46 तक तत्पश्चात षष्ठी
नक्षत्र – उत्तर भाद्रपद शाम 04:09 तक तत्पश्चात रेवती
योग – सिद्ध शाम 05:42 तक तत्पश्चात साध्य
राहुकाल – सुबह 10:04 से सुबह 11:28 तक
सूर्योदय – 07:15
सूर्यास्त – 18:30
दिशाशूल – पूर्व दिशा में
व्रत पर्व विवरण – बसंत पंचमी- श्री पंचमी, सरस्वती पूजा
विशेष – पंचमी को बेल खाने से कलंक लगता है।(ब्रह्मवैवर्त पुराण, ब्रह्म खंडः 27.29-34)
ब्रह्म पुराण’ के 118 वें अध्याय में शनिदेव कहते हैं- ‘मेरे दिन अर्थात् शनिवार को जो मनुष्य नियमित रूप से पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उनके सब कार्य सिद्ध होंगे तथा मुझसे उनको कोई पीड़ा नहीं होगी। जो शनिवार को प्रातःकाल उठकर पीपल के वृक्ष का स्पर्श करेंगे, उन्हें ग्रहजन्य पीड़ा नहीं होगी।’ (ब्रह्म पुराण’)
शनिवार के दिन पीपल के वृक्ष का दोनों हाथों से स्पर्श करते हुए ‘ॐ नमः शिवाय।’ का 108 बार जप करने से दुःख, कठिनाई एवं ग्रहदोषों का प्रभाव शांत हो जाता है। (ब्रह्म पुराण’)
शनिवार के दिन करने योग्य विशेष उपाय