भगवान गौतम बुद्ध के उपदेश

0
1605

एक विचारहीन मनुष्य की प्यास अमर बेल की तरह बढ़ती है। वह एक जीवन से दूसरे जीवन की तरफउसी तरह से भागता है जैसे जंगल में एक बंदर फलों के लिए एक पेड़ से दूसरे पेड़ पर भागता रहता है।

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here