पुलवामा आतंकी हमले के ठीक 12 दिन बाद भारतीय वायुसेना ने करारा जवाब दिया है। शौर्य की फेहरिस्त में मंगलवार 26 फरवरी 2019 बड़े गौरव के साथ दर्ज हो गया है। आतंकी संगठन जैश के पाक अधिकृत कश्मीर और पाकिस्तान के भीरत बरसों से चल रहे ट्रेंगिन सेंटरों को मिराज की बदौलत मात्र 21 मिनट में तबाह कर दिया गया। बालकोट, मुजफ्फराबाद और चकोटी में आतंकियों को तैयार करके सरगना मसूद अजहर घाटी और अन्य भारतीय शहरों में घटना को अंजाम दे रहा था। इस अप्रत्याशित ऑपरेशन से पाकिस्तान के भीरत खासतौर पर सेना में हड़कम्प है। इसका अंदाजा इससे लगाया जा सकता है कि पाकिस्तान की तरफ से भारत की ओर से हुए हमले का वीडियो जारी किया गया है और यह अपनी अवाम को बताने की कोशिश हुआ है कि हमला तो हुआ है, लेकिन जानमाल को कोई नुकसान नहीं पहुंचा है। वैसे भारत की सैन्य कार्रवाई के बाद पाकिस्तान की तरफ से कहा गया है कि सीज फायर का उल्लंघन हुआ है और इसका उचित जवाब देने का उसे भी हक है। यह बात उस पाकिस्तान की तरफ से सामने आ रही है।
जिसकी तरफ से ना जाने कितनी बार सीज फायर का उल्लंघन हुआ है। भारतीय सेना ने सिर्फ उनका जवाब दिया है। पर अब भारत की तरफ से हुई सैन्य कार्रवाई में जैश के आतंकी ठिकानों की तबाही से यह साफ हो गया है कि पाकिस्तान अब अंतरराष्ट्रीय बिरादरी के सामने झूठ बोलता रहा है। इस ऑपरेशन से पाकिस्तान का झूठ दुनिया के सामने उजागर हुआ है। 2003 में पाकिस्तान की तरफ से भारत को आश्वासन दिया गया था कि उसकी धरती का इस्तेमाल आतंकियों को नहीं करने दिया जाएगा। पर कंधार में मसूद अजहर को विमान अपहरण कांड के बाद जब छोड़ा गया था। तब उसने जैश के लिए पहला ट्रेनिंग सेंटर पाकिस्तान स्थिती बालाकोट में शुरू किया था। इसके बाद से भारत के खिलाफ उसकी साजिशें एक के बाद एक सामने आ रही थी। भारत की तरफ से कई बार आतंकी हमलों का सुबूत दिए जाने के बाद भी पाकिस्तान ने कोई कार्रवाई नहीं, बल्कि अपर्याप्त कहकर पल्ला झाड़ लिया।।
इस बार भी उसे उम्मीद थी कि कुछ हफ्ते बाद पुलवामा आतंकी हमले को लेकर भारत में उमड़ा आक्रोश थम जाएगा। इसीलिए पाक प्रधानमंत्री ने शान्ति के लिए एक और मौके की बात कही थी। हमारे यहां भी जम्मू-कश्मीर की पूर्व मुख्यमंत्री महबूबा मुक्ती ने भी दोबारा सुबूत देने की पैरवी की थी। हालांकि घटना के ठीक बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि आतंकियों ने बड़ी गलती कर दी है और उन्हें उसकी सजा मिलेगी। जो लोग पनाह देते हैं वे भी बख्शे नहीं जाएंगे। समय और जगह सेना तय करेगी। उसे कार्रवाई की पूरी छूट है। सेना ने अपने दमखम से एक बार फिर दुनिया को परिचित कराया है। कूटनीतिक स्तर पर भारत ने साफ कर दिया था कि उसकी तरफ से बड़ी और निर्णायक पहल होगी। अमेरिका ने इसीलिए आत्मरक्षा के लिए आक्रमण की नीति पर भारत का समर्थन किया था। दुनिया के तमाम देशों की तरफ से घटना की पुरजोर निंदा हुई थी। सकारात्मक माहौल के बीच भारत की वायुसेना ने बिना किसी नुकसान के अपने लक्ष्य को हासिल कर लिया और यह जता दिया कि उसके पास दुश्मनों के ठिकाने को तबाह करने की बड़ी क्षमता है।




















