सार गीता का सार By admin - March 11, 2020 0 608 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp मनुष्य जिस तरह की सोच रखता है, वैसे ही आचरण करता है। अपने अंदर के विश्वास को जगाकर मनुष्य सोच में परिवर्तन ला सकता है जो उसके लिए कल्याणकारी होगा।