सार गीता का सार By admin - March 6, 2020 0 1471 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp परिवर्तन संसार का नियम है। जिसे तुम मृत्यु समझते हो, वही तो जीवन है। एक क्षण में तुम करोड़ो के स्वामी बन जाते हो, दूसरे ही क्षण में तुम दरिद्र हो जाते हो। मेरा-तेरा, अपना-पराया, मन से मिटा दो फिर सब तुम्हारा है, तुम सबके हो।