प्रेरक प्रसंग गीता सार By admin - March 20, 2021 0 1314 Share Facebook Twitter Google+ Pinterest WhatsApp अपने वर्तमान को जीने में ही समझदारी है। जो हाथ से निकल गया उसके लिए बेकार में ही हम क्यों रोते हैं। हमारा क्या चला गया। हम अपने साथ न कुछ लाये थे और न ही हमने कुछ उत्पन्न किया। जो भी हमने लिया, यहीं से लिया।